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स्मोकिंग से बचाएंगे यह 8 फैक्ट्स

 स्मोकिंग वर्तमान समय में एक स्टेटस सिंबल बन गया है। स्टेटस सिंबल के अलावा कई व्यक्ति तनाव एवं चिंता को दूर करने के उपाय के रूप में भी स्मोकिंग को देखते हैं।

स्मोकिंग सामान्यतः बीड़ी अथवा सिगरेट के रूप में की जाती है और दोनों ही तरीकों में तंबाकू का उपयोग किया जाता है। तंबाकू में मौजूद निकोटिन शरीर के  श्वसन तंत्र पर तो बुरा प्रभाव डालता ही है। साथ ही साथ अन्य कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं अथवा बीमारियों को निमंत्रण भी देता है।

अधिकांश व्यक्ति जो पढ़े लिखे होते हैं स्मोकिंग के दुष्प्रभाव से परिचित होते हैं । ऐसे लोग स्मोकिंग के दुष्प्रभावों से बचने के लिए स्मोकिंग के विकल्प तलाशते रहते हैं।

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 इस प्रकार के व्यक्ति कुछ मिथकों अथवा गलत धारणाओं के शिकार होकर निरंतर स्मोकिंग या धूम्रपान से जुड़े रहते हैं।

आइए जानते हैं स्मोकिंग से जुड़ी हुई कुछ ऐसी ही गलत धारणाओं के बारे में जो आपको धूम्रपान से दूर रहने में मदद करेगी।

धूम्रपान को लेकर कुछ प्रचलित मिथ

धूम्रपान को लेकर कुछ प्रचलित मिथ और उनसे जुड़ी हुई सच्चाई कुछ इस प्रकार है -

1. फिल्टर सिगरेट सुरक्षित है

सिगरेट विक्रेता कंपनियों के द्वारा कुछ इस प्रकार का प्रचार किया जाता है कि फिल्टर युक्त सिगरेट सुरक्षित है और किसी प्रकार से शरीर को हानि नहीं पहुंचेगी।

किंतु सच्चाई यह है है की इस प्रकार की कोई रिसर्च नहीं है जिसमें यह पुष्टि होती हो कि फिल्टर वाली सिगरेट सुरक्षित है। फिल्टर को धुएं के कणों को छोटा बनाने के लिए डिजाइन किया जाता है इससे शरीर में निकोटिन की मात्रा अधिक जाती है। स्वाभाविक है कि फिल्टर वाली सिगरेट स्वास्थ्य के लिए और भी ज्यादा हानिकारक है।

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2. धूम्रपान छोड़ने से वजन बढ़ता है

दूसरी आम धारणा अथवा मिथ है कि धूम्रपान छोड़ने से वजन बढ़ता है। किंतु इससे वास्तविकता अलग है। स्मोकिंग या धूम्रपान छोड़ने से भूख बढ़ती है। पहले की तुलना में ज्यादा डाइट लेते हैं। अच्छी मात्रा में डाइट लेने से वजन बढ़ता है। किंतु शरीर का मेटाबॉलिज्म इसको अपने आप नियंत्रित रखता है और स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। फिर भी यदि वजन बढ़ता हुआ महसूस हो तो नियमित व्यायाम के द्वारा आप इसे नियंत्रित कर सकते हैं।

3. स्मोकिंग से तनाव कम होता है

स्मोकिंग करने वाले स्मोकर्स में तीसरी गलत धारणा यह होती है कि स्मोकिंग करने से तनाव कम होता है। किंतु वास्तविकता इससे परे है, स्मोकिंग करने से तनाव घटता नहीं वरन बढ़ता है। क्योंकि इसमें मौजूद निकोटीन हमारे दिमाग को भ्रमित करता है। इससे स्मोकिंग की लत बढ़ती जाती है जो तनाव का कारण बनती है।

4. कभी-कभी धूम्रपान से ज्यादा नुकसान नहीं है

सामान्य व्यक्ति की सोच यह होती है कि यदि कभी-कभी धूम्रपान किया जाए तो शौक पूरा करने के साथ-साथ स्मोकिंग के नुकसान से बचा जा सकता है।

इसके शिकार व्यक्ति भी उतना ही नुकसान उठाते हैं जितना कि नियमित स्मोकिंग करने वाला। कभी-कभी सिगरेट पीना ना केवल धीरे धीरे लत की ओर ले जाता है बल्कि इससे दिल फेफड़ों और पूरे शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। तंबाकू किसी भी रूप में सुरक्षित नहीं होता है।

5. इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट सुरक्षित होती है

ई सिगरेट भी सुरक्षित नहीं है। इसमें तरल रूप में निकोटिन और अन्य जहरीले रसायन होते हैं यह भी हानिकारक नशे की लत को बढ़ाने वाली होती है। इससे भी कैंसर व अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती है

6. धूम्रपान से गर्भवती महिला को जोखिम केवल प्रसव के समय

इस प्रकार की गलत धारणा होती है कि महिला को केवल प्रसव के समय ही स्मोकिंग के कारण दिक्कत होती है। परंतु वास्तविकता कुछ और है ।स्मोकिंग करने वाली महिलाओं को संपूर्ण गर्भावस्था के दौरान कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिन महिलाओं को धूम्रपान की लत होती है।उसे गर्भपात होने,समय पूर्व प्रसव,डायबिटीज या बीपी सहित बच्चे का कम वजन,होंठ और तालू कटे-फटे हो सकते हैं।

7. तंबाकू रहित सिगरेट हेल्दी होती है

इस तथ्य को स्वास्थ्य विशेषज्ञ स्पष्ट रूप से नकार चुके हैं की तंबाकू रहित सिगरेट स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है। यह केवल एक मिथ है। सिगरेट चाहे तंबाकू वाली हो अथवा बिना तंबाकू वाली निश्चित रूप से हम धुएं को हमारे शरीर में ग्रहण करते हैं और धुआं जिसमें जहरीली गैस होती है,किसी भी प्रकार से हमारे स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं है।

8. सेकंड हैंड स्मोक कम नुकसान करता है

सेकंड हैंड स्मोक को पैसिव स्मोकिंग भी कहा जाता है। इस प्रक्रिया में कोई व्यक्ति धूम्रपान वाले व्यक्ति के नजदीक बैठा होता है तथा सिगरेट को उत्पन्न धुए को अप्रत्यक्ष रूप से ग्रहण करता है।

स्मोकिंग चाहे एक्टिव हो अथवा पैसिव फेफड़ों के कैंसर हार्ट अटैक या अन्य बीमारियों का जोखिम को बढ़ाता है।

सारांश रूप में यह कहा जा सकता है कि धूम्रपान या स्मोकिंग उत्पाद बेचने वाली कंपनियां लोगों को विभिन्न प्रकार के भ्रम पैदा करके स्मोकिंग की ओर धकेलती है। ताकि उनके उत्पाद की अधिक से अधिक बिक्री हो सके। इसके लिए वे सभी प्रकार की नीतियों का इस्तेमाल करते हैं।

किंतु यह सत्यापित तथ्य है कि स्मोकिंग किसी भी रूप में स्वास्थ्य के लिए हितकर नहीं है। अतः जब भी स्मोकर्स के संपर्क में आए तो ऊपर बताए गए 8 तथ्यों को निश्चित रूप से ध्यान में रखें यह तथ्य या मिथक आपको स्मोकिंग से दूरी बनाए रखने में सहायता करेंगे।


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