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वजन घटाना भी है, लिवर समस्या का समाधान

 यकृत(liver)शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग होता है। यह शरीर के सभी अंगों में सबसे बड़ा अंग होता है। लीवर के फंक्शन में यदि कोई खराबी आती है, तो शरीर में कई प्रकार के ज्ञात और अज्ञात विकार उत्पन्न हो जाते हैं।

पुरुषों में लिवर(liver) का वजन 1.8 किलोग्राम होता है।वहीं महिलाओं में लिवर(liver) का वजन 1.3 किलोग्राम तक होता है। यह शरीर का एकमात्र सॉलिड(solid organ) अंग होता है। हमारे लीवर के द्वारा शरीर के 500 से अधिक महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित किया जाता है। इन सभी कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है, ब्रेन को ग्लूकोस सप्लाई करना।

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लीवर पेट में दाएं और होता है इसका वजन शरीर का लगभग 2 फ़ीसदी या औसतन 15 सौ ग्राम तक होता है। लीवर की साइज 14 से 16 सेंटीमीटर तक होती है, लेकिन चर्बी के कारण इसका आकार बढ़ भी सकता है। इसे फैटी लीवर कहते है।फैट को नियंत्रित रखें।अगर बी एम आई 30 से अधिक है,डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित नहीं है,तो भी लीवर पर फैट जमा हो जाता है।

लीवर की समस्या का कारण(liver ki samasya ke karan)

लीवर(liver) रोगों का सबसे प्रमुख कारण अल्कोहल है। अल्कोहल से होने वाले सिरोसिस से 20 साल तक की आयु कम हो सकती है। अधिक मीठा खाना,कुछ दवाइयां जैसे टीबी, एंटीबायोटिक्स,स्टेरॉइड्स अधिक लेने से लिवर(liver) रोगों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।हृदय व फेफड़ों के रोगियों में भी यह आशंका रहती है।

लीवर कमजोर के लक्षण(liver kamjor ke lakshan)

लीवर में उत्पन्न विभिन्न समस्याओं के कारण लीवर कमजोर हो सकता है और इसके द्वारा किए जाने वाले फंक्शंस पर ऋणत्मक प्रभाव हो सकता है। लीवर कमजोर होने के लक्षण इस प्रकार हैं।

कमजोर लिवर अथवा समस्या ग्रस्त लीवर के वेैसे तो कोई विशिष्ट लक्षण नहीं होते हैं,किंतु यह कुछ सामान्य लक्षण दिखाता है,जो अन्य बीमारियों में भी दिखाई देते हैं। अतः कमजोर लिवर(liver kamjor)के लक्षणों (lakshanon) की पहचान अक्सर अन्य बीमारियों की जांच के दौरान ही पता चलती है।

समस्या ग्रस्त अथवा कमजोर लिवर के लक्षणो (lakshanon) में भूख ना लगना,पेट में पानी भरना,पेट में दाएं तरफ दर्द होना,यूरिन पीला आना,आंख व त्वचा का रंग पीला होना,पैरों में सूजन,उल्टी और थकान आदि की समस्या रहती है।

कमजोर लिवर(liver kamjor)अथवा लीवर(liver ki samasya) की समस्या का पता लगाने के लिए यदि लगातार आपकी भूख कम है तो सीबीसी नमक ब्लड टेस्ट करवाते हैं। इस ब्लड टेस्ट में यदि प्लेटलेट्स काउंट कम आती है, तो लीवर से संबंधित बीमारी की आशंका रहती है। लिवर का साइज पता करने के लिए अल्ट्रा साउंड और इसमें कैंसर की जांच के लिए सिटी स्कैन किया जाता है। नई जांच फाइब्रोस्कैन से भी लीवर में फैट का पता किया जा सकता है।

कमजोर लिवर समस्या का समाधान(kamjor liver samasya ka samadhan)

यदि आपको लीवर संबंधी कोई भी समस्या(samasya) है तो सबसे पहला कार्य जो आपको करना चाहिए वह यह है कि अपना वजन नियंत्रित रखें।वजन अधिक है,तो डाइट,योग और व्यायाम के द्वारा अपने वजन को 25 बीएमआई तक नियंत्रित रखें। अल्कोहल से दूरी बनाए।बिना डॉक्टरी सलाह के दवाइयां ना ले।ज्यादा मीठा और ऑइली फूड नहीं खायें।लीवर की समस्या(liver ki samasya) है तो टोंड मिल्क पिए।जंक व पैक्ड फूड,सोया ड्रिंक्स से दूरी बनाकर रखें।हेपेटाइटिस हो तो तत्काल इलाज ले।हेपेटाइटिस ए, ई व बी के टीके लगवाए। समस्या (samasya)की शुरुआत में बचाव सबसे उपयोगी होता है।बीमारी बढ़ने पर दवाइयों से ही इलाज हो सकता है।यदि समस्या(samasya) ने गंभीर रूप धारण कर लिया है,तो समाधान(samadhan) के रूप में लीवर ट्रांसप्लांट भी करवाना पड़ सकता है।

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