सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खरबूजा में है फाइबर,ये है इसके फायदे

 गर्मियों के मौसम में आम, तरबूज और खरबूज बाजार में खूब बिकने लगता है। इन फलों को गर्मी के मौसम में खाने का अलग ही मजा है। खरबूजा अपनी खुशबू,मिठास और स्वाद के लिए पसंद किया जाता है।यह फाइबर सहित कई मिनरल्स से भरपूर होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखता है। यह आंतों के स्वास्थ्य के नज़रिए से भी अच्छा होता है। साथ ही खरबूजा ब्लड प्रेशर नियंत्रण का काम भी करता है।

खरबूजा में है फाइबर,ये है इसके फायदे
खरबूजा में है फाइबर,ये है इसके फायदे


 ये फल विटामिन सी और ए, के साथ ही पोटेशियम से भरपूर होता है। इसमें विटामिन बी1, बी6, और के, फोलेट, कॉपर, मैग्नीशियम, और डायट्री फाइबर भी शामिल होता हैं।आइए जानते हैं खरबूजे के फायदे के बारे में और इसकी प्रयोग विधि के बारे में-

खरबूजे के फायदे (benefits of muskmelon)

खरबूजे में कई प्रकार के मिनरल्स और फाइबर होते हैं जो स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम होता है।खरबूजा खाने के फायदे निम्न प्रकार है:

 ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है खरबूजा

खरबूजे के अंदर पर्याप्त मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है जो कि हमारे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक होता है।

यह वजन घटाने में सहायक है

क्योंकि खरबूजा एक फल है अतः इसमें प्राकृतिक रूप से फैट की मात्रा अत्यंत कम होती है,फलस्वरूप यह वजन घटाने में सहायक होता है।

खरबूजा गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखता है

गर्मियों के मौसम में पसीना अधिक आने के कारण शरीर को डिहाईड्रेशन का सामना करना पड़ सकता है ।किंतु यदि हम खरबूजे का नियमित प्रयोग करते हैं ,तो हम डिहाइड्रेशन से बचे रह सकते हैं। खरबूजा में पानी की पर्याप्त मात्रा होती है तथा साथ ही मिनरल्स होते हैं,जो पानी के अवशोषण की मात्रा को बढ़ा देते हैं और शरीर को हाइड्रेट रखते हैं।

इम्यूनिटी को मजबूत करता है खरबूजा

हमारा इम्यून सिस्टम सही तरीके से काम करें, इसके लिए विटामिन सी की आवश्यकता होती है। विटामिन सी हमारे ब्लड में श्वेत रक्त कणिकाओं की उत्पत्ति को प्रोत्साहित करता है। खरबूजे में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है,जो हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत कर इम्यूनिटी को बढ़ाता  है।

आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है खरबूजा

हमारी आंखों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन ए और बीटा कैरोटीन की आवश्यकता होती है। मात्रा में विटामिन ए और बीटा कैरोटीन पाया जाता है। जो हमारी आंखों को पोषण प्रदान कर आंखों के रोग से बचाता है और हमारी दृष्टि को तेज करता है, साथ ही मोतियाबिंद के खतरे को भी रोकता है।

कब्ज को भी रोकता है खरबूजा

हमारे पाचन तंत्र के स्वास्थ्य के लिए एक आवश्यक घटक होता है,फाइबर जो पर्याप्त मात्रा में पानी अवशोषित कर अपने आयतन में वृद्धि करता है ,मल को शरीर से बाहर निकालने के लिए आवश्यक प्रेशर बनाता है। इस प्रकार खरबूजे में मौजूद फाइबर हमें कब्ज से राहत देता है।

खरबूजे में मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा

प्रति 200 ग्राम खरबूजे में निम्न मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं -

1. कैलोरी -66 2.वसा -0.4ग्राम। 3.कोलेस्ट्रॉल -0.0mg  4.सोडियम -32mg 5.पोटेशियम -534 mg,। 6.कार्बोहाइड्रेट -16 gm,7.आहरीय रेशा -0.18 gm,8.शुगर - 16 gm,9.प्रोटीन -0.16 gm,10.विटामिन सी -73.4 mg,11.कैल्शियम -18 mg,12.आयरन -0.4mg,13. मैग्नीशियम -24 mg,14.विटामिन बी 6 -0.2 mg 

खरबूजे की प्रयोग विधि

सामान्य रूप से सभी फलों के बारे में एक तथ्य लागू होता है कि फलों का उपयोग हमेशा खाली पेट करना बेहतर होता है। फलों का उपयोग खाली पेट करके इनका ज्यादा से ज्यादा फायदा लिया जा सकता है। खरबूजे का उपयोग भी हमें ऐसे समय करना चाहिए जब हमें भोजन किए हुए अथवा कुछ भी खाए हुए कम से कम एक घंटा गुजर चुका हो। इसके खाने का समय आप अपने हिसाब से तय कर सकते हैं शर्त यही है कि पेट खाली हो। खरबूजे को सीधे ही काट कर अथवा शेक बनाकर अथवा पन्ना बनाकर भी खा सकते हैं।

खरबूजे का उपयोग करते समय ध्यान में रखने योग्य बातें

. खाने से पहले इसे ठंडे पानी में डालकर रखें अथवा कुछ समय के लिए इसे फ्रीज में रखते हैं ताकि यह ठंडा हो जाए।

. भोजन के लगभग 1 घंटे बाद ही इसका सेवन करना ठीक होता है।

. 1 दिन में 200 ग्राम से अधिक खरबूजा ना खाएं। साथ ही एक बार काटने के बाद इसको रखे नहीं।

. नकसीर की समस्या ( खासकर बच्चों में) होने पर इसके बीजों को गुलकंद के साथ मिलाकर या ठंडाई में पिलाएं।

खरबूजा खाने के बाद दूध पीने से पाचन संबंधी दिक्कत हो सकती है। गैस बन सकती है अथवा पेट दर्द हो सकता है।

. यह वात पित्त व कफ की मात्रा में संतुलन बनाकर शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार होता है।

सारांश रूप में खरबूजा एक अत्यंत ही पोषक फल है। इसमें पर्याप्त मात्रा में खनिज लवण विटामिन और फाइबर मौजूद होते हैं। अतः खरबूजा खाना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक है। खरबूजा हमारे शरीर को कई प्रकार से फायदे पहुंचाता है।





टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

फैटी लीवर: समझें और बचाव करें

फैटी लीवर: समझें और बचाव करें फैटी लीवर (fatty liver) एक ऐसी स्थिति है जिसमें लीवर में अतिरिक्त वसा जमा हो जाती है। स्वस्थ लिवर में वसा की मात्रा बहुत कम होती है, लेकिन जब यह लिवर के कुल वजन के 5% से अधिक हो जाती है, तो इसे 'फैटी लिवर' कहा जाता है। यह कई कारणों से हो सकता है, जैसे कि मोटापा , मधुमेह , उच्च कोलेस्ट्रॉल और अत्यधिक शराब पीना। फैटी लीवर के प्रकार मुख्य रूप से दो प्रकार के फैटी लीवर होते हैं:  अल्कोहोलिक फैटी लीवर:(AFLD)   यह अधिक मात्रा में शराब पीने के कारण होता है।​जैसा कि नाम से पता चलता है, यह अत्यधिक शराब के सेवन के कारण होता है। शराब को तोड़ने की प्रक्रिया में लिवर में हानिकारक पदार्थ बनते हैं जो लिवर कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाते हैं और वसा के जमाव को बढ़ाते हैं। ​ शुरुआती चरण: शराब छोड़ देने पर यह स्थिति अक्सर ठीक हो जाती है। ​ गंभीर चरण: यदि शराब पीना जारी रखा जाए, तो यह अल्कोहलिक हेपेटाइटिस और अंततः लिवर सिरोसिस में बदल सकता है।  नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लीवर (NAFLD):  यह उन लोगों में होता है जो अधिक शराब नहीं पीते हैं। NAFLD आमतौर पर मो...

त्रिफला चूर्ण का फायदा/triphala churn ka fayada

  त्रिफला क्या होता है?( trifala kya hota hai )  त्रिफला चूर्ण का फायदा जानने से पहले यह जानना आवश्यक है,की त्रिफला क्या होता है? त्रिफला(triphala) का संधि विच्छेद होता है त्रि+फल अर्थात त्रिफला तीन फलों के चूर्ण का मिश्रण होता है। त्रिफला चूर्ण एक आयुर्वेदिक औषधि है,जो मनुष्य को अनेक प्रकार के रोगों से बचाती है और स्वस्थ बनाए रखती है।  त्रिफला का चूर्ण मूल रूप से तीन फलों हरड(हरितकी) ,बहेड़ा(विभितकी) और आंवला(आंमलकी) के फलों के पाउडर का एक आयुर्वेदिक मिश्रण है। आयुर्वेद के अनुसार यह चूर्ण शरीर में वात पित्त और कफ को संतुलित करता है।   त्रिफला चूर्ण बनाने की तरीका त्रिफला आयुर्वेद की एक जानी-मानी स्वास्थ्यप्रद औषधि है। इसके फायदे के बारे में हर कोई जानता है।त्रिफला को बनाने के लिए हरड़,बहेड़ा और आंवला के फलों को छाया में सुखाया जाता है।उसके पश्चात तीनों फलों का अलग-अलग पाउडर बना लिया जाता है।फिर इन फलों के चूर्ण को 1:2:3 अर्थात एक भाग हरड़,दो भाग बहेड़ा और तीन भाग आंवला के चूर्ण को मिलकर एक मिश्रण तैयार कर लिया जाता है।इस मिश्रण को ही त्रिफला चूर्ण कहा जाता है।...

खाली पेट ​खजूर खाने के फायदे (empty stomach dates benefits):औषधीय गुण

खजूर का संक्षिप्त परिचय: Empty stomach dates benefits खजूर (Date Palm) एक अत्यंत पौष्टिक और ऊर्जा से भरपूर फल है, जिसे "रेगिस्तान का मेवा" (Dryfruit of desert) भी कहा जाता है। यह मुख्य रूप से खाड़ी देशों और शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों में पाया जाता है।​यहाँ खजूर का संक्षिप्त परिचय दिया गया है: खजूर(dates) का वनस्पतिक या​ वैज्ञानिक नाम,फीनिक्स डैक्टिलिफेरा (Phoenix dactylifera) है। ​ खजूर का पेड़ काफी ऊँचा (करीब 15 से 25 मीटर) होता है और इसकी पत्तियाँ लंबी व कटीली होती हैं। यह दुनिया के सबसे पुराने खेती किए जाने वाले फलों में से एक है, जिसका इतिहास लगभग 5,000 साल पुराना है। ​खजूर अपनी मिठास और बनावट के आधार पर कई प्रकार का होता है। इसकी मुख्य किस्में इस प्रकार है: ​ अजवा : यह सबसे उत्तम किस्म का खजूर माना जाता है, जो गहरे रंग का और नरम होता है। ​ मेद्जूल (Medjool) : इसे 'खजूरों का राजा' कहते हैं क्योंकि यह खजूर आकार में बड़ा और बहुत मीठा होता है। ​ किमिया : यह अपनी कोमलता और गहरे काले रंग के लिए प्रसिद्ध है। ​खजूर के पोषक तत्व(nutrition in dates) ​खजूर पोषक तत...