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कोविड-19(कोरोना) से रिकवर होने के बाद यह 10 सूत्र देंगे आपको सुरक्षा

 कोरोना से रिकवर होने के 10 सूत्र

कोरोना से रिकवर होने के बाद सुरक्षा के 10 सूत्र, कोरोना से ठीक होने के पश्चात रोगियों को इन 10 बातों का ध्यान रखना चाहिए जो उन्हें एक सुरक्षा कवच प्रद
कोविड-19(कोरोना) से रिकवर होने के बाद यह 10 सूत्र देंगे आपको सुरक्षा

रोज कोरोना से लाखों लोग रिकवर हो रहे हैं इनमें कई गंभीर रोगी भी शामिल हैं। आइए जानते हैं कि कोरोना(कोवीड-19) से  रिकवर हो चुके लोग किन बातों का ध्यान रखें ताकि वे जल्दी से जल्दी स्वस्थ हो सके।

1. हल्के लक्षण वालों को

ऐसे कोरोना रोगी जिनमें हल्के या कोई लक्षण नहीं थे। उनके लिए ज्यादा चिंता की बात नहीं है। वे सही डाइट और ब्रीदिंग एक्सरसाइज से बहुत जल्दी स्वस्थ हो जाएंगे। कमजोरी धीरे-धीरे जाएगी। स्वाद व गंध वापस आने में भी दो-तीन सप्ताह तक का समय लग सकता है।

2. ऐसे रोगी जिनको सांस की दिक्कत हुई

ऐसे रोगी जो ऑक्सीजन थेरेपी और वेंटिलेटर पर थे। उनके फेफड़ों को भी नुकसान संभव है। कोरोना नेगेटिव होने के 15 दिन बाद तक ऑक्सीमीटर द्वारा ऑक्सीजन नापे। हल्के व्यायाम करें।

3. जिन रोगियों के हार्ट पर असर हुआ हो

कुछ रोगियों को रिकवर होने के बाद कुछ कदम चलने पर सांस लेने में तकलीफ हो रही है, लेकिन ऑक्सीजन का स्तर से ही है। ऐसे रोगियों को डॉक्टरी सलाह से ईसीजी व eco को भी करवाएं ताकि यदि हार्ट संबंधी कोई समस्या हो तो उसका पता चल जाए। और उपचार किया जा सके।

4. खड़े होने पर चक्कर आते हो

यह संभव है की कोरोना से रिकवर होने के बाद भी कुछ लोगों को खड़े होने पर चक्कर आते हैं तो बीपी की जांच लेट कर और खड़े होकर करवाएं। खड़े होने पर बीपी 10 एमएम से कम होता है तो डॉक्टर को दिखाएं।

5 हाथ पैरों में ऐंठन

14 दिन आइसोलेशन में रहने और वायरस के दुष्प्रभाव से ऐसा होता है। इसमें विटामिन ए, बी कांपलेक्स व विटामिन सी लेना चाहिए। फोलिक एसिड भी लेना आवश्यक है।

6. यदि कमजोरी महसूस हो तो

कोविड-19 से रिकवरी के पश्चात यदि बहुत ज्यादा कमजोरी है तो हाय प्रोटीन डाइट लें। कोरोना संक्रमण के दौरान मसल्स को भी अधिक नुकसान होता है। प्रोटीन रिपेयर भी करता है।

7. ऐसे रोगी जिनको पहले से शुगर है

वे कोविड रोगी जिनको पहले से ही शुगर की समस्या है तो वह अपने डॉक्टर को दिखा कर नई दवा शुरू करवाएं। शुगर को नियंत्रित रखें। शुरू के 3 महीने विशेष ध्यान रखें। ऐसे रोगियों की इम्यूनिटी बहुत कम होती है अतः इनको विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है।

8. जिनको पहले से बीपी की समस्या हो

वे मरीज जिनको पहले से ही ब्लड प्रेशर या हार्ट की दिक्कत  है तो उन्हें भी डॉक्टर की सलाह से खून पतला करने और कोलेस्ट्रॉल के लिए दवा लेनी चाहिए।

9. याददाश्त में कमी

कुछ रोगियों में रिकवर होने के बाद भी याददाश्त में कमी की समस्या दिखाई दे रही है इसका कारण आइसोलेशन, अकेलापन या फिर वायरस हो सकता है। ऐसे रोगियों को अपने विचार सकारात्मक रखने चाहिए। इनको अपने दिन का अधिकांश समय अपने शौक वाले कामों में बिताना चाहिए।

10. पेट की परेशानी

कोरोना और एंटीबायोटिक दवाइयां लेने से पेट के अच्छे बैक्टीरिया मर जाते हैं, पाचन बिगड़ जाता है, प्रोबायोटिक्स फाइबर वाली चीजें अधिक खाएं।

कोरोना से रिकवर हुए लोगों को अपने डाइट का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। इन्हें निम्न प्रकार डाइट का अनुसरण करना चाहिए

1. एक कप ग्रीन टी नींबू के साथ या फिर दालचीनी के साथ नींबू पानी। इससे मेटाबॉलिज्म ठीक रहता है

2. एक कप दूध के साथ पांच भीगे हुए बादाम और दो अखरोट ले ।फिर थोड़ी देर धूप में बैठे हैं या टहले।

3. 9:00 बजे के लगभग एक गिलास दूध के साथ पोहा, ढोकला इडली आदि लें।

4. 11:00 से 12:00 के बीच कोई भी लाल पीला फल जैसे अनार, तरबूज ,खरबूज, पपीता खाएं इन में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं।

5. लंच में दाल दलिया चपाती चावल के साथ एक कटोरी हरी सब्जी ,दही व सलाद ले।

6. शाम को 4:00 से 5:00 के बीच हल्दी, अदरक ,लॉन्ग की एक कप चाय ले। गुनगुना रहने पर इसमें शहद मिलाकर लें।

7. 6:00 से 7:00 के बीच एक कटोरी साबुत उबली हुई दालों का सलाद खीरा, टमाटर ,नींबू मिलाकर लें या 50 ग्राम पनीर खाएं।

8. 8:00 से 9:00 बजे के आसपास एक कटोरी कद्दू का सूप ,रोटी ,दलिया ,खिचड़ी के साथ एक एक कटोरी हरी सब्जी और दाल ले।

9. रात्रि को सोने से आधा एक घंटा पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध या दूध के साथ दो खजूर खाना भी फायदेमंद है।  ।


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